जनवरी
पेड़ों में गहरी नींद (Dormancy) की अवस्था रहती है।
इस समय कटाई-छंटाई (Pruning) करें ताकि पेड़ों का आकार सही रहे और नई टहनियाँ मजबूती से निकलें।
खेत की गहरी जुताई करके कीट और रोगों के लार्वा नष्ट करें।
फ़रवरी
नई बागवानी के लिए गड्ढे तैयार करें और गोबर की खाद मिलाएँ।
पुराने पौधों में जैविक खाद/कम्पोस्ट डालें।
रोगों से बचाव के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड या बोर्डो मिक्स का छिड़काव कर सकते हैं।
मार्च
कलियाँ (buds) सूजन लेने लगती हैं, इसलिए कीट नियंत्रण पर ध्यान दें।
हल्की सिंचाई करें ताकि नई टहनियाँ मजबूती से निकलें।
नई पौध तैयार करने के लिए ग्राफ्टिंग/कलमबंदी भी की जा सकती है।
अप्रैल
टहनियों पर नई पत्तियाँ आने लगती हैं।
संतुलित एन.पी.के. (NPK) खाद डालें।
मिट्टी की नमी बनाए रखें और खरपतवार निकालते रहें।
मई
फूल आना शुरू हो जाते हैं।
फूल झड़ने से बचाने के लिए समय-समय पर हल्की सिंचाई करें।
फूलों पर कीट (थ्रिप्स/एफिड्स) से बचाव हेतु कीटनाशी दवाओं का छिड़काव करें।
जून
छोटे फल सेट होना शुरू होते हैं।
पौधों को नमी की कमी न होने दें।
फल की ग्रोथ के लिए पोटाशयुक्त खाद दें।
अधिक फलों को पतला (Thinning) करें ताकि बचे हुए फल अच्छे आकार के हों।
जुलाई
बरसात का मौसम शुरू हो जाता है।
पौधों के पास जल निकासी व्यवस्था रखें ताकि जड़ों में पानी न रुके।
रोगों (Leaf Spot, Anthracnose) से बचाव के लिए दवा का छिड़काव करें।
अगस्त
फल तेजी से बढ़ रहे होते हैं।
पौधों को संतुलित खाद और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स दें।
ज़रूरत अनुसार छंटाई करके पेड़ का संतुलन बनाए रखें।
सितम्बर
फल रंग बदलने लगते हैं।
पक्षियों और जानवरों से बचाव करें।
हल्की सिंचाई करें, ज्यादा पानी देने से फल फट सकते हैं।
जो फल पहले तैयार हों, उनकी तुड़ाई शुरू कर सकते हैं।
अक्टूबर
पर्सिमन की मुख्य तुड़ाई का महीना।
फलों को सावधानी से तोड़ें और बाजार तक पहुँचाएँ।
फसल बेचते समय ग्रेडिंग (छोटे-बड़े फल अलग करना) करें ताकि अच्छा भाव मिले।
नवम्बर
तुड़ाई का अंतिम समय।
पौधों को जैविक खाद और गोबर की खाद दें ताकि मिट्टी उपजाऊ बनी रहे।
पौधों को ठंड से बचाने के लिए मल्चिंग करें।
दिसम्बर
पेड़ आराम की स्थिति (Dormant) में आ जाते हैं।
इस समय कीट और रोग नियंत्रण हेतु छिड़काव करें।
नई बागवानी की योजना बनाएँ और गड्ढे खोदकर धूप में खुला छोड़ दें।
👉 निष्कर्ष:
अगर किसान भाई हर महीने इन छोटे-छोटे कार्यों पर ध्यान देंगे तो उनकी पर्सिमन बागवानी सफल और लाभदायक होगी।